जनता के वोट पर कोई पहरा नहीं, हर सवाल का जवाब देना होगा : पराग गाबा

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करनाल ( रजत राणा ) 

मताधिकार की रक्षा, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) एवं जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) ने महात्मा गांधी चौक पर जोरदार रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुवाई पूर्व मंत्री राव दान सिंह जी ने की। समापन पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश्वर कुमार के पुतले का दहन किया गया।

पूर्व मंत्री राव दान सिंह ने कहा, “यह लड़ाई किसी कुर्सी की नहीं, उस आम आदमी के अधिकार की है जिसके पास न सत्ता है, न बड़ा पद और न ताकत—उसके हाथ में सिर्फ एक वोट है। यही वोट सरकार बनाता है और जरूरत पड़ने पर सरकार बदलता है।” उन्होंने कहा, “अगर मतदाता सूची से नाम कटने और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो जनता जवाब मांगेगी। राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ के गंभीर सवाल उठाए हैं। अगर आरोप गलत हैं तो पारदर्शी जवाब दीजिए, और अगर सवालों में सच्चाई है तो जिम्मेदारी तय कीजिए।” राव दान सिंह ने कहा, “जनता का वोट किसी सत्ता की जागीर नहीं है। लोकतंत्र में सरकार जनता बनाती है और जनता ही बदलती है। जनता के वोट की ताकत पर उठे हर सवाल का जवाब जनता के सामने देना होगा।”

जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) के जिलाध्यक्ष पराग गाबा ने कहा, “जनता अपने अधिकार का हिसाब मांग रही है। उसका वोट सिर्फ एक निशान नहीं, उसकी आवाज, उसका सम्मान और अपने भविष्य का फैसला करने की ताकत है।” उन्होंने कहा, “अगर किसी नागरिक का नाम मतदाता सूची से कटता है, तो सिर्फ एक नाम नहीं कटता—उसकी लोकतांत्रिक आवाज कमजोर होती है। ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूचियों को लेकर उठे हर सवाल का जवाब पारदर्शिता से देना होगा।” पराग गाबा ने कहा, “सत्ता बदलने की ताकत जनता के वोट में है। यह ताकत किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं पड़नी चाहिए। जनता को भरोसा चाहिए कि उसका वोट सुरक्षित है और उसकी आवाज गिनी जाएगी। इसी जनविश्वास की रक्षा के लिए कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश्वर कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।”

जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राजेश वैद ने कहा, “लोकतंत्र की असली ताकत उस आम मतदाता के हाथ में है जो अपने एक वोट से सरकार चुनता है। किसान, मजदूर, व्यापारी या नौजवान—हर वोट बराबर है।” उन्होंने कहा, “मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल सिर्फ चुनाव का नहीं, नागरिक के अधिकार और भरोसे का सवाल हैं। सरकार बनाने और बदलने का अधिकार जनता का है, इसलिए हर सवाल का जवाब और हर प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है।”

पूर्व लोकसभा प्रत्याशी दिव्यांशु बुद्धिराजा ने कहा, “जिस आम आदमी के पास न पैसा है, न सत्ता और न कोई बड़ा पद—उसके हाथ में सिर्फ उसका वोट है। वही उसकी सबसे बड़ी ताकत, उसकी आवाज और अपने भविष्य का फैसला करने का अधिकार है।” उन्होंने कहा, “सोचिए, जिस आदमी के पास कुछ नहीं, अगर उसके पास उसका वोट भी सुरक्षित न रहे तो वह अपनी बात किसके जरिए कहेगा? सरकार किसे बनानी है और किसे बदलना है, यह फैसला किसी बंद कमरे में नहीं, जनता के वोट से होना चाहिए।” दिव्यांशु बुद्धिराजा ने कहा, “सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन नागरिक का वोट उसका स्थायी अधिकार है। ‘वोट चोरी’ के आरोप हों, मतदाता सूचियों से जुड़े सवाल हों या चुनाव प्रक्रिया पर उठती आपत्तियां—जनता को साफ जवाब चाहिए। क्योंकि जब जनता के वोट की ताकत कमजोर होती है, तो लोकतंत्र का भरोसा कमजोर होता है। इसी जनविश्वास और मताधिकार की रक्षा के लिए कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश्वर कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।”

इस अवसर पर प्रमुख रूप से सुमिता सिंह, बिंदर पोसवाल, दिलशेर डाचर, ललित अहूजा, लाडी संधू, पंकज गाबा, परवीन पुनिया, तेजी मान, राजिंदर कल्याण, राजेश चौधरी, सोनी कूटेल, राम चन्द, जितेंद्र, सुरजीत सैनी, सिराज चौधरी, युवराज भट्टी, सपना राणा, सुरेश काछवा एवं राकेश डाकवाला सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। जिस वोट से जनता सरकार बनाती है, उसी वोट पर सवाल क्यों? : राव दान सिंह

जनता के वोट पर कोई पहरा नहीं, हर सवाल का जवाब देना होगा : पराग गाबा

करनाल, 28 सितंबर 2026। मताधिकार की रक्षा, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) एवं जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) ने महात्मा गांधी चौक पर जोरदार रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुवाई पूर्व मंत्री राव दान सिंह जी ने की। समापन पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश्वर कुमार के पुतले का दहन किया गया।

पूर्व मंत्री राव दान सिंह ने कहा, “यह लड़ाई किसी कुर्सी की नहीं, उस आम आदमी के अधिकार की है जिसके पास न सत्ता है, न बड़ा पद और न ताकत—उसके हाथ में सिर्फ एक वोट है। यही वोट सरकार बनाता है और जरूरत पड़ने पर सरकार बदलता है।” उन्होंने कहा, “अगर मतदाता सूची से नाम कटने और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो जनता जवाब मांगेगी। राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ के गंभीर सवाल उठाए हैं। अगर आरोप गलत हैं तो पारदर्शी जवाब दीजिए, और अगर सवालों में सच्चाई है तो जिम्मेदारी तय कीजिए।” राव दान सिंह ने कहा, “जनता का वोट किसी सत्ता की जागीर नहीं है। लोकतंत्र में सरकार जनता बनाती है और जनता ही बदलती है। जनता के वोट की ताकत पर उठे हर सवाल का जवाब जनता के सामने देना होगा।”

जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) के जिलाध्यक्ष पराग गाबा ने कहा, “जनता अपने अधिकार का हिसाब मांग रही है। उसका वोट सिर्फ एक निशान नहीं, उसकी आवाज, उसका सम्मान और अपने भविष्य का फैसला करने की ताकत है।” उन्होंने कहा, “अगर किसी नागरिक का नाम मतदाता सूची से कटता है, तो सिर्फ एक नाम नहीं कटता—उसकी लोकतांत्रिक आवाज कमजोर होती है। ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूचियों को लेकर उठे हर सवाल का जवाब पारदर्शिता से देना होगा।” पराग गाबा ने कहा, “सत्ता बदलने की ताकत जनता के वोट में है। यह ताकत किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं पड़नी चाहिए। जनता को भरोसा चाहिए कि उसका वोट सुरक्षित है और उसकी आवाज गिनी जाएगी। इसी जनविश्वास की रक्षा के लिए कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश्वर कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।”

जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राजेश वैद ने कहा, “लोकतंत्र की असली ताकत उस आम मतदाता के हाथ में है जो अपने एक वोट से सरकार चुनता है। किसान, मजदूर, व्यापारी या नौजवान—हर वोट बराबर है।” उन्होंने कहा, “मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल सिर्फ चुनाव का नहीं, नागरिक के अधिकार और भरोसे का सवाल हैं। सरकार बनाने और बदलने का अधिकार जनता का है, इसलिए हर सवाल का जवाब और हर प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है।”

पूर्व लोकसभा प्रत्याशी दिव्यांशु बुद्धिराजा ने कहा, “जिस आम आदमी के पास न पैसा है, न सत्ता और न कोई बड़ा पद—उसके हाथ में सिर्फ उसका वोट है। वही उसकी सबसे बड़ी ताकत, उसकी आवाज और अपने भविष्य का फैसला करने का अधिकार है।” उन्होंने कहा, “सोचिए, जिस आदमी के पास कुछ नहीं, अगर उसके पास उसका वोट भी सुरक्षित न रहे तो वह अपनी बात किसके जरिए कहेगा? सरकार किसे बनानी है और किसे बदलना है, यह फैसला किसी बंद कमरे में नहीं, जनता के वोट से होना चाहिए।” दिव्यांशु बुद्धिराजा ने कहा, “सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन नागरिक का वोट उसका स्थायी अधिकार है। ‘वोट चोरी’ के आरोप हों, मतदाता सूचियों से जुड़े सवाल हों या चुनाव प्रक्रिया पर उठती आपत्तियां—जनता को साफ जवाब चाहिए। क्योंकि जब जनता के वोट की ताकत कमजोर होती है, तो लोकतंत्र का भरोसा कमजोर होता है। इसी जनविश्वास और मताधिकार की रक्षा के लिए कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश्वर कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।”

  1. इस अवसर पर प्रमुख रूप से सुमिता सिंह, बिंदर पोसवाल, दिलशेर डाचर, ललित अहूजा, लाडी संधू, पंकज गाबा, परवीन पुनिया, तेजी मान, राजिंदर कल्याण, राजेश चौधरी, सोनी कूटेल, राम चन्द, जितेंद्र, सुरजीत सैनी, सिराज चौधरी, युवराज भट्टी, सपना राणा, सुरेश काछवा एवं राकेश डाकवाला सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।