UP में ट्रेनिंग ले MP के ATM से कैश चोरी, चिमटी गैंग का काम देख पुलिस भौंचक

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अनुज गौतम/सागर. युवकों की एक टोली कार से कई दिनों के लिए टूर पर निकलती थी. ये लोग एक साथ कई राज्यों की यात्रा करते थे. जिसमें घूमने फिरने के साथ उनकी यह यात्रा एटीएम मशीनों को निशाना बनाकर उनसे पैसे निकालने के लिए होती थी. आरोपियों के द्वारा इस तरह से शातिर तरीका अपनाया जाता था कि ना तो ग्राहक का पैसा बैंक से कटता था और ना ही एटीएम मशीन यह जज कर पाती थीं कि पैसा निकल गए.

एटीएम से पैसा निकालने वाले गिरोह के सदस्य एक खास प्रकार की लोहे की चिमटी बनवाते थे. उसमें धागे के सहारे लकड़ी बांध देते थे. और फिर इसे एटीएम में जाकर फिट कर देते थे. जिस कैश रोलर से पैसा निकलताहैं वहां पर यह चिमटी लगा देते थे. जिसकी वजह से जब पैसे निकाले जाते थे तो इसी चिमटी और कैश रोलर के बीच में आकर नोट फंस जाते थे. जिससे ना तो पैसे अंदर जा पाते थे और ना बाहर आ पाते थे. यह गिरोह इसी का फायदा उठाता था और फिर चिमटी और पैसे को निकाल लेते थे. मध्य प्रदेश की सागर पुलिस ने ऐसे ही चिमटी गिरोह को पकड़ा है.

10वीं-12वीं पास

सागर नगर पुलिस अधीक्षक केपी सिंह ने बताया कि चिमटी गिरोह के चार युवक पकड़े गए हैं जो 10वीं और 12वीं पढ़े हैं लेकिन इन्होंने इस तरह का अपराध करने के लिए उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के नयापुरा में इसकी ट्रेनिंग ली थी और पिछले 6 सालों से इसी तरह से घूम घूम कर पुरानी एटीएमको निशाना बनाकर पैसे निकालते थे और फिर आपस में बांट लेते थे. इस तरह से लाखों रुपये इस तरह से एटीएम से निकाल चुके थे. वह इसके बाद जैसे ही पैसे निकलते थे तो तुरंत किसी दूसरी एटीएम मशीन में जाकर पैसा डिपॉजिट कर देते थे.

5 एटीएम को बनाया निशाना

यह चिमटी गिरोह आखिरी बार 27 जून को प्रतापगढ़ से निकला था जो लखनऊ आगरा हरिद्वार देहरादून होते हुए इंदौर पहुंचा था इंदौर के बाद उज्जैन और फिर महाराष्ट्र के औरंगाबाद गया था यहां से वापस बैतूल विदिशा होते हुए सागर पहुंचा था जहां सागर रेलवे स्टेशन के पास लगे पुराने एटीएम में इन्होंने यह चिमटी फंसाई थी. शहर में पांच जगह एटीएम पर उन्होंने इस तरह की चिमटी लगाई थी. इनको पकड़ने के बाद डेमो भी कराया गया था, जिसमें इन्होंने यह सारी प्रोसेस बताई कि आखिर वह कैसे चिमटी एटीएम में फंसाते थे और कैसे पैसा इसमें फंस जाता था.

स्विफ्ट डिजायर में घूमते चोर

यह युवक इस तरह से घूमते थे कि कोई इन पर शक नहीं कर सकता था सागर में यह सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार से घूम रहे थे कार के ऊपर बत्ती और हूटर लगा हुआ था पीछे भारत सरकार लिखा था स्टेयरिंग के पीछे खाकी रंग की कैप रखी हुई थी लेकिन इसी कैप पर पुलिस ने वन विभाग लिखा देखा जिसके बाद उन्हें शक हुआ और पकड़कर पूछताछ की तो सारे मामले का खुलासा हुआ सीएसपी के पी सिंह ने बताया कि जिस तरह की कैप उनके पास थी वह कहीं पर भी वन विभाग में उपयोग नहीं की जाती है.

एटीएम टेंपरिंग की सूचना

इनको पकड़ने के पीछे की कहानी बताते हुए उन्होंने कहा कि एटीएम में टेंपरिंग होने की सूचना साइबर सेल के पास आई थी जिसके बाद दो अलग-अलग टीमें बनाकर कैंट और मोती नगर थाने इलाके में पीछा करने भेजी गई. मोती नगर इलाके से इन्हें पकड़ा तो इनके पास से कई एटीएम कार्ड कई तरह के चिमटे और औजार स्क्रू ड्राइवर, धागेस लकड़ियां भी मिली है. इस गैंग में पकड़े गए सदस्यों में अमित और रोहित चिमटा फंसाने का काम करते थे रवि निगरानी करता था अभिषेक ड्राइवर था यह सभी यूपी के प्रतापगढ़ के निवासी हैं जो देश के 4 राज्यों में इस तरह की घटनाएं करना कुबूल किया है.

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